बाढ़ सुरक्षा तैयारियों की जमीनी समीक्षा
गुहला-चीका क्षेत्र में उपायुक्त कैथल (DC Kaithal) अपराजिता ने बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून आने से पहले सभी संवेदनशील स्थलों पर चल रहे कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे होने चाहिए, ताकि किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति में जल प्रवाह बाधित न हो और गांवों, खेतों व आबादी वाले क्षेत्रों को नुकसान से बचाया जा सके।
DC Kaithal ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ सुरक्षा केवल कागजी योजना न रहे, बल्कि जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता, गति और निगरानी—तीनों पर समान रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।
टटियाना गेज पर घग्गर नदी की सफाई में तेजी
निरीक्षण की शुरुआत घग्गर टटियाना गेज से हुई, जहां घग्गर नदी की धारा में जमा गाद और अवरोधों को हटाने का कार्य चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्षों में यहां से भारी जल प्रवाह दर्ज किया गया, जिससे यह स्थल बाढ़ के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है।
DC Kaithal ने निर्देश दिए कि नदी की धारा को चौड़ा और साफ रखा जाए, ताकि तेज जल प्रवाह के समय पानी बिना रुकावट आगे बढ़ सके। उन्होंने मशीनरी और मानव संसाधन बढ़ाकर सफाई कार्य को गति देने पर जोर दिया।
हांसी-बुटाना नहर पर मजबूतीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य
इसके बाद हांसी-बुटाना नहर के उस हिस्से का निरीक्षण किया गया, जहां नहर किनारों को मजबूत करने का कार्य जारी है। पटियाला रोड से खराल गांव तक लगभग 10 हजार फुट क्षेत्र में इंटरलॉकिंग टाइलें लगाई जा रही हैं।
DC Kaithal ने कहा कि नहर के किनारे मजबूत होने से कटाव रुकेगा और जल निकासी व्यवस्थित रहेगी। उन्होंने चेताया कि मानसून से पहले कार्य की गति दोगुनी की जाए, ताकि समय सीमा से पहले इसे पूरा किया जा सके।
सरोला साइफन पर गाद निकासी और भविष्य की योजना
सरोला साइफन पर गाद निकासी का कार्य प्रगति पर मिला। अधिकारियों ने बताया कि गाद जमा होने से जल प्रवाह प्रभावित होता है और बैकफ्लो की स्थिति बनती है।
डीसी ने निर्देश दिए कि साइफन के नीचे के हिस्से को भविष्य में पक्का करने की योजना पर भी तेजी से काम हो। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपी।
ड्रेनेज, तटबंध और निचले क्षेत्रों पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान डीसी ने निचले इलाकों, ड्रेनेज सिस्टम, तटबंधों और जल निकासी मार्गों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कहीं भी जलभराव की स्थिति न बने, इसके लिए पहले से तैयारी जरूरी है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करें।
किसानों और आमजन की समस्याएं भी सुनीं
दौरे के दौरान उपस्थित किसानों ने अपनी चिंताएं साझा कीं। डीसी ने आश्वासन दिया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों का मुख्य उद्देश्य ही खेतों और आबादी को सुरक्षित रखना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों से फीडबैक लेते रहें।